एक नेत्रदान से शुरू हुई पहल बनी जनअभियान, 50 से अधिक नेत्रदान करवाकर ह : करीब चार वर्ष पूर्व स्वर्गीय श्रीमती छाया जैन के निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा किए गए नेत्रदान ने बरेला में एक ऐसी साम
मोहित संघी
Mon, Sep 7, 2026
एक नेत्रदान से शुरू हुई पहल बनी जनअभियान, 50 से अधिक नेत्रदान करवाकर हजारों लोगों को किया जागरूक
न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी
बरेला। करीब चार वर्ष पूर्व स्वर्गीय श्रीमती छाया जैन के निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा किए गए नेत्रदान ने बरेला में एक ऐसी सामाजिक पहल को जन्म दिया, जो आज ‘नेत्र ज्योति मिशन बरेला’ के रूप में निरंतर आगे बढ़ रही है। इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महेंद्र जैन एवं धर्मेन्द्र जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
छाया जैन के नेत्रदान से प्रेरणा लेकर दोनों ने नेत्रदान को केवल एक परिवार तक सीमित न रखते हुए समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने बरेला सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क कर नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और झिझक को दूर किया। लोगों को समझाया गया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है।
शुरुआत में लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन महेंद्र जैन एवं धर्मेन्द्र जैन ने निरंतर प्रयास जारी रखे। व्यक्तिगत संपर्क, समझाइश और जनजागरूकता के माध्यम से आज यह अभियान जबलपुर, पनागर, सिहोरा, सागर, दमोह, कटनी, शहडोल सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
करीब एक वर्ष पूर्व इस सेवा कार्य को संगठित स्वरूप देने के लिए ‘नेत्र ज्योति मिशन बरेला’ संस्था का गठन किया गया। संस्था के माध्यम से अब तक 50 से अधिक नेत्रदान करवाए जा चुके हैं। बरेला, जबलपुर, कटनी, परासिया और फिरोजाबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने इस अभियान से जुड़कर नेत्रदान किया है। साथ ही हजारों लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा चुका है।
सम्मान से बढ़ा उत्साह
नेत्रदान के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को देखते हुए महेंद्र जैन एवं धर्मेन्द्र जैन को विगत वर्ष बरेला महोत्सव में नगर परिषद बरेला तथा इस वर्ष 15 अगस्त को जबलपुर की संस्था ‘सुख-दुःख परिवार’ द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दोनों संस्थापकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल नेत्रदान करवाना नहीं, बल्कि समाज में ऐसी सोच विकसित करना है कि “हमारे जाने के बाद भी हमारी आंखें किसी की दुनिया रोशन कर सकती हैं।” भविष्य में नेत्र ज्योति मिशन द्वारा नेत्रदान के साथ अंगदान, देहदान एवं रक्तदान के लिए भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मिशन का उद्देश्य: अंधत्व को मिटाना और समाज में दान एवं सेवा की भावना को बढ़ावा देना।
मिशन का संदेश: “नेत्रदान महादान — किसी की अंधेरी दुनिया में रोशनी बनें।”
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