महासमुंद - लोक शिक्षण संचनालय का आदेश भी बेअसर? : संत लाल मुखर्जी वाले मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Fri, Sep 11, 2026
लोक शिक्षण संचनालय और संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देश के बाद भी कार्रवाई का इंतजार,
महासमुंद। संत लाल मुखर्जी, प्रधान पाठक गौरटेक, विकासखंड बसना से जुड़ी शिकायत अब शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद लंबित रहने को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। मामले में संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा 11 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से प्राप्त शिकायत का तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए कृत कार्रवाई से शिकायतकर्ता को पोर्टल के माध्यम से अवगत कराया जाए।
इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने भी 17 अगस्त 2026 को सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त प्रकरणों के त्वरित निराकरण के संबंध में पत्र जारी किया। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से प्राप्त प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण निराकरण किया जाना है तथा संबंधित कार्यालय द्वारा कार्रवाई कर संचालनालय एवं शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाना है।
फिर भी कार्रवाई कहां है?
संत लाल मुखर्जी से संबंधित शिकायत को लेकर जारी इन दोनों शासकीय पत्रों के बावजूद यदि शिकायतकर्ता को अब तक कार्रवाई और उसके परिणाम से विधिवत अवगत नहीं कराया गया है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन जिला स्तर पर क्यों नहीं हो रहा है?
मामले में शिकायतकर्ता फिरोज खान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर टोकन नंबर WP260800138522, दिनांक 06.08.2026 के रूप में दर्ज है। संभागीय संयुक्त संचालक के पत्र में इसी शिकायत को संत लाल मुखर्जी, प्रधान पाठक गौरटेक, विकासखंड बसना, जिला महासमुंद की तत्काल सेवा समाप्त करने संबंधी शिकायत के रूप में दर्ज किया गया है।
उच्च अधिकारियों के आदेश पर भी चुप्पी क्यों?
एक ओर संभागीय संयुक्त संचालक ने “तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही” के निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर लोक शिक्षण संचालनालय ने भी सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए संबंधित कार्यालय को निर्देशित किया है।
ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन के कार्यालय द्वारा इन निर्देशों के पालन में अब तक क्या कार्रवाई की गई? यदि कार्रवाई की गई है तो शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? और यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो फिर लोक शिक्षण संचालनालय एवं संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देशों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा?
शिकायतकर्ता ने उठाई जवाबदेही की मांग
शिकायतकर्ता का कहना है कि उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश के बाद भी यदि मामले में कार्रवाई नहीं होती है या कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं दी जाती, तो यह सिर्फ एक शिकायत के लंबित रहने का मामला नहीं बल्कि शासकीय निर्देशों के पालन की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अब देखना यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय और संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय संत लाल मुखर्जी प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है और शिकायतकर्ता को कब तक इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
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