शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं : 2017 से निरंतर सेवा कार्य, मरीजों और उनके परिजनों के लिए रक्तदान के साथ भोजन की व्यवस्था
मोहित संघी
Sun, Sep 6, 2026
शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं
शिक्षक दिवस पर विशेष बालिकाओं की शिक्षिकाओं का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
जबलपुर। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर चैतन्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बालिकाओं के आवासीय एवं दैनिक विद्यालय में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष बालिकाओं के जीवन में शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रकाश फैलाने वाली शिक्षिकाओं का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों के समर्पण को सम्मान देना था, जो विशेष बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं श्रीमती मीना भंडारकर, श्रीमती सुरभि कोस्टा, तृप्ति पाल, वर्षा बैरागी, श्रीमती सुषमा लखेरा, श्रीमती छोटा बाई झरिया एवं श्रीमती मुन्नी बाई का सम्मान किया गया। संस्था की ओर से सभी शिक्षिकाओं को उपहार भेंट कर उनके सेवा कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय की बालिकाओं ने अपनी शिक्षिकाओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए मनमोहक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण आए, जब शिक्षकों और अतिथियों की आंखों में खुशी एवं अपनत्व के भाव साफ नजर आए।
कार्यक्रम में ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से डॉ. अंशु नायर, श्रीमती मीना पटेल, श्रीमती पूजा कोस्टा, श्रीमती सुधा गौतम, श्रीमती उमा रावत, श्रीमती गीता दुबे, श्रीमती बिंदु दुबे एवं श्रीमती समित मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
सहयोगी प्रेम भंडारकर का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम में संस्था की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत अध्यक्ष श्रीमती सुलेखा क्षत्रिय द्वारा किया गया। वहीं कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. संजय असाटी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, बालिकाओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के प्रति निरंतर सहयोग एवं सेवाएं प्रदान करने वाले श्री प्रेम भंडारकर का भी विशेष सम्मान किया गया। संस्था ने उनके निरंतर सहयोग और सेवा भावना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक का योगदान केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं होता। एक शिक्षक बच्चे के भीतर विश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नींव रखता है। विशेष बच्चों के साथ कार्य करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, धैर्य और समर्पण का कार्य है।
चैतन्य सेवा संस्थान के शिक्षक प्रतिदिन इन बालिकाओं को शिक्षा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने, आगे बढ़ने और समाज में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संस्था ने कहा कि इन बच्चों के जीवन में आने वाला प्रत्येक छोटा सकारात्मक परिवर्तन किसी शिक्षक की मेहनत, धैर्य और प्रेम की बड़ी जीत है।
कार्यक्रम के अंत में चैतन्य सेवा संस्थान एवं ओजस्विनी सहेली वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण को नमन किया गया।
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