कोकड़ी दर्शन जनपहल ०६कार्यक्रम में शामिल हुए २००से अधिक परिवार जन
महासमुंद:-चेतना विकास मूल्य शिक्षा , जीवन विद्या अध्ययन व परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था, अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था, शिक्षा के मानवीय करण के लिए काम करने वाली विश्व प्रसिद्ध कोकड़ी सरकारी स्कूल ने कोकड़ी दर्शन जनपहल ०६कार्यक्रम आयोजित किया, आयोजन विद्यालय प्रबंध समिति, कोकड़ी गांव के अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के संरक्षण में कोकड़ी सरकारी स्कूल ने किया,इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए शिक्षक श्री गेंदलाल कोकडिया ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था व अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था का भाव जगाना व गांव के परिवारों में स्वच्छता, नशामुक्ति, अपराध मुक्ति, शाकाहार भोजन, व्यवहार कुशलता, सही संबोधन, कृषि नवाचार, आवर्तन शील खेती, स्वावलंबी परिवार, हुनर मंद परिवार,स्कील डेवलपमेंट, विकसित भारत -विकसित संसार, सुखी समृद्ध व्यक्ति, परिवार, समाज,देश, विश्व निर्माण, पशु-पक्षियों का संवर्धन संरक्षण प्रकृति संतुलन के लिए न का मांसाहार के लिए,सही आहार, विहार, व्यवहार की समझ, बच्चों, अभिभावकों, समाज सेवियों का अभिव्यक्ति कौशल बढ़ाना,गांव की छोटी-छोटी समस्याओं को खुद सुलझाना, अच्छे जनप्रतिनिधियों के गुणों का पहचान, कर्तव्य और दायित्व, शिक्षा का मानवीकरण, जीवन विद्या अध्ययन का महत्व, चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला से व्यक्तित्व में परिवर्तन संबंधी अनेक मुद्दों पर खुली चर्चा -परिचर्चा किया गया, जिसमें मुख्य रूप से तेंदुवाही के समृद्ध किसान श्री जागेश्वर सिंह पटेल, कोकड़ी के ४०से अधिक गिर गायों के पालक श्री रामशरण पटेल, नशामुक्त, शाकाहारी व्यक्ति अशोक कुमार सोनवानी, मोहित भारती,आदि अनेक परिवारों को, मधुबन दर्रीपाली से आये २०परिवारों समेत श्री गणेश राम सहिस,पशु चिकित्सक पटेवा डाक्टर अनिल देवदास, समाजसेवी रायतुम श्री संतोष कुमार साहू,श्री सुशील आर्य पटेवा,श्री नरसिंह यादव,कोमल यादव,पूरन साहू , खूबचंद भारती समेत अनेक परिवारों को सम्मानित किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शुक्लांबर पटेल जी शिक्षक रायगढ़, श्रीमती उर्मिला मंगल सिदार जी शिक्षक रायगढ़, श्रीमती चंद्रकला बाबूलाल नायक जी समाजसेवी रायगढ़ मानवीय जागृति सेवा संस्थान बुलाकी गोर्रा डीपा रायगढ़ से आये थे,श्री शुक्लांबर पटेल ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को शिक्षा के मानवीय करण के लिए विश्व प्रसिद्ध स्कूल बताया, क्योंकि पूज्य ए नागराज जी प्रणेता मध्यस्थ दर्शन जीवन विद्या अध्ययन व चेतना विकास मूल्य शिक्षा स्वयं अपने विद्वानों के साथ स्कूल भ्रमण में आये थे, कोकड़ी सरकारी स्कूल के प्रयोगों को सरकार को आत्मसात करने व सभी विद्यालयों में लागू करने का आग्रह किया, श्रीमती उर्मिला मंगल सिदार ने जीवन विद्या अध्ययन का माडल स्कूल कोकड़ी सरकारी स्कूल को बताया है, साथ ही श्री कोकडिया के द्वारा बनाए कोकड़ी सरकारी स्कूल के वेतन के पैसे से मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही के बारे में बताती व जीवन विद्या अध्ययन से ग्रामीणों व शिक्षा जगत में आये मूल्य शिक्षा संबंधी जानकारी दी, श्रीमती चंद्रकला बाबुलाल नायक ने जीवन विद्या अध्ययन आधारित विवाह, नामकरण, मृत्यु संस्कारों पर संवाद की और बतायीं उनका सौभाग्य ये सब उन्होंने खुद प्रयोग किया,अपनी बेटी राखी का विवाह श्री गेंदलाल कोकडिया से जीवन विद्या अध्ययन आधारित पद्धति से कि, मृत्यु संस्कार जीवन विद्या अध्ययन आधारित अपने सासु मां का आयोजित की, संकुल समन्वयक संकुल खट्टा के समन्वयक श्री सुरेश कुमार साहू ने कोकड़ी सरकारी स्कूल को प्रेरणा दायी विद्यालय बताया साथ ही चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला को समझने कोकड़ी सरकारी स्कूल का सभी विद्यालयों को सरकार से शैक्षिक भ्रमण कराने का आदेश जारी करने का आग्रह किया है,व जीवन विद्या अध्ययन व चेतना विकास मूल्य शिक्षा को भारत सरकार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेश करने
व अनिवार्य शैक्षिक पाठ्यक्रम व पाठ्य-पुस्तकों में शामिल करने का आग्रह किया है, श्री हेमन्त कुमार देवांगन सहयोगी शिक्षक कोकड़ी सरकारी स्कूल ने जीवन विद्या अध्ययन से आये उनमें बदलावों को रेखांकित करते हुए जीवन विद्या अध्ययन का महत्व बताये , उनके अनुसार मानव के व्यक्तित्व में जबरदस्त सुधार होता है, श्रीमती राखी गेंदलाल कोकडिया ने हार्दिक कृतज्ञता और सादर साधुवाद व्यक्त करते हुए चेतना विकास मतलब मानव के समझ के विकास पर बात रखते हुए एक आदर्श परिवार व्यवस्था के लिए जीवन विद्या अध्ययन को अनिवार्य बतायीं क्योंकि जीवन विद्या अध्ययन से परिवार क्या,क्यों, कैसे, कितना का समझ बढता है, संबंधी के प्रति कर्तव्य और दायित्वों का समझ बढता है, फलस्वरूप जीवन विद्या अध्ययन सम्पन्न परिवार सुखी समृद्ध होते हैं,रागेश्वर कोकडिया सरस्वती शिशु मंदिर झलप ने बौद्धिक विकास मतलब चेतना का विकास बताया,व बच्चों के अभिव्यक्ति कौशल बढ़ाने के लिए जीवन विद्या अध्ययन आधारित अनमोल वचनों को प्रेरणा दायी बताया,श्री खूबचंद भारती, अशोक सोनवानी, नंदकुमार पटेल जी पंच कोकड़ी,मोहित भारती ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती ललिता बरिहा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती जानकी पटेल , कामदेव यादव विद्यालय प्रबंध समिति कोकड़ी अध्यक्ष व सबने अपने गांव को नशामुक्त, अपराध मुक्त, व्यवहार कुशल युक्त गांव बनाने का संकल्प लिया है,