महासमुंद/बसना : रिपोर्टर इब्राहिम कादरी और हेमंत तांडी की सूझ बुझ और बसना थाना प्रभारी के सहयोग से अंतर्राज्यीय ठग गिरफ्तार
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Sat, Aug 22, 2026
.बसना के आसपास क्षेत्र में करंट अकाउंट खुलवाकर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी धरे गए: 8 दिन के स्टिंग ऑपरेशन से रिपोर्टर इब्राहिम कादरी और हेमंत तांडी ने किया बेनकाब, बसना में नए खाते खुलवाने से पहले ही दबोचे गए ठग
थाना प्रभारी शरद दुबे ने दिया था भरोसा - "तुम उसे बुलाइए, पुलिस प्रशासन आपके साथ है", फिर टीम ने मौके पर पहुंचकर दबोचा, संजीव सिंह और संदीप बारीक रहे साथ
बसना/महासमुंद। बसना के आसपास क्षेत्र के गरीब किसान-मजदूरों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर करंट अकाउंट खुलवाकर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों का बसना में भंडाफोड़ हुआ है। इस पूरे मामले का खुलासा पत्रकार कल्याण महासंघ के जिला उपाध्यक्ष रिपोर्टर इब्राहिम कादरी और उनके साथी हेमंत तांडी ने लगातार 8 दिन तक स्टिंग ऑपरेशन चलाकर किया है।
जांच में सामने आया है कि ओडिशा से आए आरोपी सुनील दुर्गा और थिमोथी छतरिया ने पिछले कुछ दिनों में सरईपाली, सांकड़ा और परसवानी क्षेत्र सहित बसना ब्लॉक के आसपास के गांवों में कई गरीब ग्रामीणों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाए थे। इसी तरह ग्राम मनकी, तोसगांव निवासी राजकुमार तांडी पिता गुंडी गुंडी, गोकुल जगत, डमरूलाल सागर, हेमलाल चौहान, संतोष अग्रवाल, उत्तर कुमार सोना जैसे भोले-भाले लोगों को 1500 से 20 हजार रोज कमीशन का लालच देकर उनसे करंट अकाउंट खुलवाते थे और खाता खुलते ही उनका पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और नया SIM ले लेते थे।
आरोपियों ने किसानों-मजदूरों के साथ धोखाधड़ी की और अब वे बसना में भी इसी तरह करंट अकाउंट खुलवाने की तैयारी में थे, लेकिन इब्राहिम कादरी और हेमंत तांडी ने उन्हें मौका ही नहीं दिया।
थाना प्रभारी का भरोसा और फिर जाल:
जैसे ही इब्राहिम कादरी को इसकी भनक लगी उन्होंने पूरी जानकारी बसना थाना प्रभारी शरद दुबे को दी। थाना प्रभारी शरद दुबे ने मामले की गंभीरता समझते हुए कहा - "तुम उसे बुलाइए, पुलिस प्रशासन आपके साथ है।"
इस आश्वासन के बाद इब्राहिम कादरी ने खुद ग्राहक बनकर आरोपियों को फोन लगाया - "भैया मुझे भी वही कमीशन वाला खाता खुलवाना है" और उन्हें बसना अपनी दुकान पर बुला लिया। बसना में आरोपियों से पूछताछ कर वीडियो और फोटो के रूप में पुख्ता सबूत जुटाए और तुरंत थाना प्रभारी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शरद दुबे के निर्देश पर टीम में संजीव सिंह, संदीप बारीक और थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस तरह से खुलवाए गए खातों को विशाखापट्टनम भेजा जाता था। आशंका है कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी और हवाला के पैसे को ठिकाने लगाने में किया जाना था। पुलिस का कहना है कि इस गैंग में ओडिशा के और भी लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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