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महासमुंद- तेंदूपत्ता व्यस्था पर संकट : पिथौरा-चार दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर प्रबंधक

फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर

Sat, Apr 25, 2026

प्रदेश के 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार एवं 65 लाख से अधिक संग्राहकों की आजीविका पर पड़ेगा सीधा असर

38 वर्षों से हो रहा अन्याय अब नहीं सहेंगे – प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू

बार-बार ज्ञापन, फिर भी नहीं हुआ समाधान, अब आर-पार की लड़ाई को तैयार प्रबंधक

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आज हड़ताल का चौथा दिन है और इसका असर प्रदेश की वनोपज व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। हड़ताल के चलते प्रदेश के लगभग 14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार एवं 65 लाख से अधिक संग्राहकों की आजीविका प्रभावित होने की स्थिति बन गई है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि प्रबंधक पिछले 38 वर्षों से सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वनोपज संग्रहण, समिति संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, पेंशन, मेडिकल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गई हैं, जो सीधे-सीधे अन्याय है। बार-बार ज्ञापन एवं निवेदन के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे प्रबंधकों में भारी आक्रोश है और अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।

संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्स लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल है। संघ के अनुसार हड़ताल के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी, बोनस, बीमा एवं अन्य योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ रहा है। संघ ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में तेंदूपत्ता संग्रहण के माध्यम से लगभग 700 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे संग्राहकों के खातों में किया गया था, लेकिन इस बार हड़ताल के कारण अभी तक प्रदेश के लगभग 95% फड़ों में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे स्थिति गंभीर होती जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। इस बार प्रबंधक पूरी तरह आर-पार के मूड में हैं और अपने अधिकार प्राप्त कर के ही रहेंगे।

खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका

महासमुंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा 25 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। जिले में 01 से तेंदूपत्ता खरीदी चालू होना है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 1 लाख ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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