कटनी के ढीमरखेड़ा में बिजली संकट का कहर : आक्रोशित जनता ने खोला मोर्चा
हिमांशु
Mon, Sep 21, 2026
ढीमरखेड़ा के सिलौंडी में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त; बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का बढ़ा खौफ, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
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हर 5 मिनट में हो रही ट्रिपिंग से फूंक रहे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, सामूहिक रूप से सीएम हेल्पलाइन 181 खटखटाने की तैयारी।
कटनी (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सिलौंडी और इसके आसपास के दर्जनों गांवों में इन दिनों बिजली विभाग की घोर लापरवाही और तानाशाही पूर्ण रवैये के कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और हर 5 मिनट में बिजली की आंख-मिचौली (ट्रिपिंग) ने विकराल रूप ले लिया है। आलम यह है कि 24 घंटे में से अधिकांश समय ग्रामीणों को बिना बिजली के ही गुजारना पड़ रहा है, जिससे समूचा ग्रामीण जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
बारिश के मौसम में अंधेरे का खौफ, जान जोखिम में
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में वर्षाकाल (बारिश का मौसम) सक्रिय है। ऐसे समय में ग्रामीण अंचलों में घरों, खेतों और आसपास के रास्तों पर जहरीले जीव-जंतु, सांप और बिच्छू भारी तादाद में निकल रहे हैं। लगातार बिजली गुल रहने के कारण रात के समय पूरा इलाका घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के भरोसे रात काट रहे ग्रामीणों के सिर पर हमेशा किसी बड़ी अप्रिय घटना या अनहोनी का खतरा मंडराता रहता है। कई ग्रामीण रात-रात भर जागकर (रतजगा कर) अपने परिवारों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
लाखों के बिजली उपकरण हो रहे खराब, दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त
बिजली विभाग द्वारा की जा रही इस अघोषित कटौती का सबसे बुरा असर घरेलू कामकाज और व्यापार पर पड़ रहा है। हर 5 मिनट में बिजली का बंद-चालू होना (हाई-लो वोल्टेज और ट्रिपिंग) क्षेत्र के लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। इसके कारण ग्रामीणों के घरों में रखे कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे फ्रीज, टीवी, कूलर और पंखे लगातार फुंक रहे हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायतों पर अधिकारियों का ढुलमुल रवैया और रटा-रटाया जवाब
स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए जब भी बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई), सब-स्टेशन के लाइनमैन या अन्य कर्मचारियों को फोन लगाया जाता है, तो अक्सर उनका फोन ही नहीं उठता। यदि कभी फोन उठ भी जाए, तो अधिकारियों द्वारा "ऊपर से मेंटेनेंस का काम चल रहा है" या "लाइन में तकनीकी फॉल्ट आ गया है, जल्द ठीक हो जाएगा" जैसे रटे-रटाए बहाने बनाकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। जमीनी स्तर पर सुधार के नाम पर शून्य काम हो रहा है, जिससे बिजली विभाग की पूरी तरह से उदासीनता उजागर होती है।
प्रशासन के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण, सामूहिक शिकायत की तैयारी
स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने से तंग आकर अब सिलौंडी और आसपास के ग्रामीणों ने सीधे शासन और उच्च अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का एक बड़ा दल एकजुट होकर एमपीईबी (MPEB) ग्रामीण कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) के कार्यालय के आधिकारिक नंबर 07622-230275 और बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर बड़े पैमाने पर सामूहिक शिकायतें दर्ज करवा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर भी इस अव्यवस्था की सामूहिक शिकायत दर्ज कराकर शासन को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान: 'बिजली नहीं तो चैन नहीं'
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को दोटूक शब्दों में अंतिम चेतावनी (अल्टीमेटम) दी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से सुधार नहीं किया गया और निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। आने वाले दिनों में सिलौंडी और ढीमरखेड़ा क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान यदि कोई कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी केवल और केवल बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
* सिलौंडी और आसपास के क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
* हर 5 मिनट में होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी तकनीकी समाधान निकाला जाए।
* बारिश के मौसम को देखते हुए रात के समय कम से कम निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
* फोन न उठाने वाले और लापरवाही बरतने वाले बिजली अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
Mpnewslive.
कटनी जिला रिपोर्टर हिमांशु
Tags :
PM NARENDRA MODI
CM MOHAN YADAY
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