Wed 29 Jul 2026

ब्रेकिंग

फॉरेस्टर प्लेग्राउंड एवं सिटी चौपाटी, वर्षा ऋतु में दो शिफ्ट में सफाई व्यवस्था, जल निकासी बनाए रखने निगम का विशेष अभियान

कंपनियों से 1000 करोड़ हड़पने के षड्यंत्र में मास्टर माइंड गोयनका को नहीं मिली बेल

जांच पर उठे सवाल: शिकायतकर्ता ने आदिवासी विकास विभाग महासमुंद पर लगाए एकतरफा जांच के आरोप?

अली फिश ट्रेडिंग कंपनी ने शुरू की कलकत्ता के ब्रांडेड मछली बीजों की बिक्री

कटनी- NEET विरोध प्रदर्शन के दौरान संत-महात्माओं, बालाजी महाराज और प्रधानमंत्री पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर

सुचना

एमपी न्यूज लाइव मीडिया ग्रुप आपका हार्दिक स्वागत करता

MP न्यूज लाइव मासिक अखबार एवं सेटेलाइट हिंदी न्यूज चैनल सेटेलाइट एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध :- Play on tv , DTH Live, Ebaba, CNN, PLAYON, AMAZON FIRE STICK, JIO AIR FIBRE

महासमुंद - विजय कृषि सेवा केंद्र बंसुला संचालक पर एफआईआर की मांग : बसना यूरिया खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रशासन मौन, किसानों में भारी आक्रोश; कलेक्टर से शिकायत ​

फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर

Wed, Jun 3, 2026

महासमुंद: खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रशासन मौन, किसानों में भारी आक्रोश; कलेक्टर से शिकायत

जिला महासमुंद के बसना क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी और तय दामों से दोगुने रेट पर यूरिया बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि 'विजय कृषि सेवा केंद्र (बंसुला)' द्वारा सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों की साठगांठ के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में परेशान किसानों ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

​266 रुपये का यूरिया 550 में बेचने का आरोप

​किसानों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रुपये के स्थान पर किसानों से प्रति बोरी 530 से 550 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, किसानों को यूरिया देने के एवज में जबरन अन्य गैर-जरूरी उर्वरक जैसे नैनो यूरिया या विटामिन खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

​नियमों को ताक पर रखकर ग्रामीण क्षेत्र में संचालन

​शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि 'विजय कृषि सेवा केंद्र' को व्यवसाय करने का लाइसेंस बसना नगर के लिए जारी किया गया है। इसके बावजूद, नियमों के विपरीत जाकर पिछले लगभग 3 वर्षों से इस दुकान का संचालन ग्राम पंचायत बंसुला में किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को इसकी पूरी जानकारी होने के बाद भी दुकान का स्थान परिवर्तन कराने या इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

​14 दिन बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

​किसानों का कहना है कि उन्होंने इस पूरी कालाबाजारी और मामले को दबाने वाले दोषी कृषि अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बीते 21 मई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना को एक आवेदन सौंपा था। लेकिन दो हफ्ते (14 दिन) बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन के इस ठंडे रवैये से क्षेत्र के अन्नदाताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​किसानों ने अब कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन