: फ्रांस ने गूगल पर लगाया करोड़ों डॉलर का जुर्माना,जाने क्या है पूरा मामला
Thu, Jun 10, 2021
बड़ी-बड़ी IT कंपनिया जैसे गूगल,फेसबुक,व्हाट्सएप्प,ट्विटर आदि ने पूरी दुनिया मे अपना ऐसा जाल बिछाया है कि कोई भी देश ऐसा नही है जहां इन कंपनियों की पहुंच न हो।इन कंपनियों ने दुनियाभर के बाजारों में अपना एकाधिकार स्थापित कर लिया है तथा छोटी कंपनियों के लिए दरवाज़े बन्द कर दिए है।इसलिए अब दुनियाभर के देश इन बड़ी बड़ी IT कंपनियों के खिलाफ कठोर कदम उठा रहे हैं।इसी कड़ी में फ्रांस ने गूगल पे एक मोटा जुर्माना लगाया है।
क्यों लगाया गूगल पर जुर्माना?
दरअसल ये जितनी भी बड़ी बड़ी IT कंपनियां इनके पास न तो पैसे की कमी होती है और न ही इनके पास यूज़र्स की कमी होती है क्योंकि ऐसी बड़ी बड़ी कंपनियों के करोड़ो यूज़र्स दुनियाभर में होते हैं इसलिए ये अपने आपको ही सब कुछ समझ लेती है,ये अपने आगे किसी की भी बात नही मानती यहाँ तक कि देश की सरकार व नेताओं को भी कुछ नही समझती।
ऐसा ही एक मामला फ्रांस से आया है जहां पर गूगल(
Google
) ने एडवरटाइजमेंट मार्केट में अपनी पावर का दुरुपयोग किया है।इसी को लेके फ्रांस के मार्केट कंपटीशन रेगुलेटर ने गूगल पे 268 मिलियन डॉलर यानी 26.8 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है।गूगल पर यह भी इंतजाम लगा है कि वह अपने कम्पटीटर और मोबाइल साइट्स के पब्लिशर और एप्लीकेशन यूनिट्स को दंडित करते हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने नही देते।\
भारत मे क्या है स्तिथि?
भारत ने भी ऐसी कंपनियों को लेके IT मंत्रालय ने नयी गाइडलाइन्स निकाली हैं जिसको लेके कई बार विवाद भी खड़ा हो चुका है।
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: Nigeria Twitter Ban:भारतीय ऐप Koo नाइजीरिया में हुआ लांच
Wed, Jun 9, 2021
Nigeria Twitter Ban:-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती ताकत व अपने क्षेत्र में एकाधिकार को देखते हुए दुनिया भर के कई देशों ने इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर,
फेसबुक
,गूगल,आदि के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए है।दुनिया के कई देश इस वक्त इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ओर नकेल कसने की ओर बढ़ रहे है और ऐसा ही एक ठोस कदम नाइजीरिया ने उठाया है।
दरअसल ट्विटर ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी का एक ट्वीट डिलीट कर दिया था जिसके बाद नाइजीरिया ने ट्विटर पर अपने देश मे प्रतिबंध लगा दिया है।अब ऐसे में भारतीय ऐप Koo नाइजीरिया में लॉन्च हो गया है और कंपनी इसे वहाँ की स्थानीय भाषा मे जल्द ही उतारने की सोच रही है।
क्या है Koo ऐप?
जैसा की हमने आपको पहले बताया की बड़ी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों की बढ़ती ताकत,एकाधिकार व मनमानी को रोकने के लिए दुनिया भर के देश इन पर सख्त कदम उठा रहे है और इन देशों में भारत भी शामिल है।पिछले साल ही प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत कैंपेन लॉन्च किया था जिसका उद्देश्य था भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और इसी के अंतर्गत भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज का आयोजन किया था जिसमे भारतीयों को वीदेशी एप्प्स के भारतीय विकल्प को बनाना था।
इस प्रतियोगिता में सोशल मीडिया की श्रेड़ी में भारतीय ऐप Koo को विजेता चुना गया था।इसको ट्विटर के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है और इसकी लोकप्रियता दिन प्रतिदिन भारत मे बढ़ रही है।मोदी सरकार के कई केन्द्रीय नेताओं में अपना एकाउंट Koo ऐप पर बना लिया है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी मन की बात में इसका जिक्र किया था जिसके बाद यह ऐप तेजी से अपनी उपस्थिति सोशल मीडिया के क्षेत्र में बढ़ा रहा है।koo भारत मे बनी हुई एप्लीकेशन है।
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: टर्की को भारत के खिलाफ बोलना पड़ा मेंहगा, संयुक्त राष्ट्र में भारत की बड़ी राजनयिक जीत
Wed, Jun 9, 2021
भारत का प्रभाव पूरी दुनिया मे बढ़ रहा है साथ ही भारत को भविष्य की महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा है।ऐसे में कोई भी देश India से दुश्मनी व भारत के साथ अपने संबंध खराब नही करना चाहता,यहाँ तक कि चीन भी भारत से सीधे तौर पे दुश्मनी नही कर सकता। इसलिए चीन कभी भी भारत के खिलाफ खुल के नही बोलता।लेकिन अपने पड़ोसी पाकिस्तान और उसके नए सदाबहार दोस्त टर्की के बारे में क्या कहें,ये दोनों देश आये दिन भारत के खिलाफ बोल कर दुनिया मे अपनी ही फज़ीहत कराते रहते हैं।
क्या हुआ टर्की और भारत के बीच?
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षता हर वर्ष एक नए देश को मिलती है और इस वक्त संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षता टर्की के पास है अब पाकिस्तान को India को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम करने का व कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने का इससे अच्छा मौका क्या हो सकता है।इसलिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोज़किर जो कि टर्की से है उनको अपने देश में भारत के खिलाफ बोलने के लिए बुलाया।
पाकिस्तान ने वोल्कन बोज़किर को और खुश करने के लिए अपना देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान हिलाल ए पाकिस्तान से सम्मानित कर दिया।बस फिर क्या था टर्की के वोल्कन बोज़किर गद गद हो गए और जो पाकिस्तान ने कहा वो बोलते चले गए।उन्होंने अपनी पद की गरिमा का ध्यान न रखते हुए भारत के खिलाफ और कश्मीर को लेके कई आपत्तिजनक टिप्पड़ी करी।इसी को लेके India ने कड़ी आपत्ति जताई व वोल्कन बोज़किर को पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा की आप इतने बड़े व सम्मानजनक पद के लायक नही हैं।
कैसे संयुक्त राष्ट्र में हुई भारत की जीत?
दरअसल टर्की के वोल्कन बोज़किर का कार्यकाल कुछ ही समय मे समाप्त होने वाला है और अगले अध्यक्ष के लिए चुनाव होने थे जिसमें भारत के मित्र देश मालदीव ने ये चुनाव जीत लिया।बताते चलें कि India ने पहले ही कह दिया था कि हम मालदीव को संयुक्त राष्ट में पूरा समर्थन देंगे और मालदीव की इस बड़ी जीत में India के एहम किरदार है।
मालदीव के विदेश मंत्री अब संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष होंगे।उन्हें 193 में से 143 वोट मिले जबकि
अफ़ग़ानिस्तान
को 48 वोट मिले।
यह मालदीव के लिए बहुत बड़ी जीत है क्योंकि मालदीव पहली बार इस पद के लिए चुना गया है।यह भारत के लिए एक बड़ी डिप्लोमेटिक यानी राजनयिक जीत है क्योंकि मालदीव India एक भरोसेमंद मित्र देश है तथा मालदीव पहली भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि कश्मीर India का आंतरिक मामला है और इसको लेके मालदीव ने कई बार पाकिस्तान को लताड़ भी लगाई है।
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