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अवैध प्लाटिंग का खेल, : नियम कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ, विजयराघवगढ़ में फिर शुरू हुआ अवैध प्लांटिंग का खेल*

पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी

Wed, May 6, 2026

*नियम कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ, विजयराघवगढ़ में फिर शुरू हुआ अवैध प्लांटिंग का खेल*

विजयराघवगढ़ नगर में एक बार फिर नियमों और कानूनों को ठेंगा दिखाते हुए अवैध प्लांटिंग का खेल जोर पकड़ता नजर आ रहा है। शारदा मंदिर के समीप ऐतिहासिक किले से जुड़ी भूमि पर खुलेआम प्लाट काटने और विक्रय की तैयारियाँ चल रही हैं। जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन की आँखों के सामने यह सब कैसे हो रहा है। बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर प्लांटिंग की जा रही है वह धार्मिक महत्व एवं ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी भूमि मानी जाती है। मध्यप्रदेश के भू-राजस्व एवं कॉलोनाइजर नियमों के अनुसार कृषि भूमि एवं धार्मिक स्थलों से संबंधित भूमि पर बिना अनुमति प्लाटिंग करना पूर्णतः नियम विरुद्ध है। इसके बावजूद भूमाफिया बेखौफ होकर जमीनों का सौदा करने में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि हर बार ऐतिहासिक धरोहर बचाने की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जिम्मेदार लोग अब उसी धरोहर को मिटाने की पटकथा लिखते दिखाई दे रहे हैं। यदि समय रहते इस अवैध प्लांटिंग पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में विजयराघवगढ़ की ऐतिहासिक पहचान ही खतरे में पड़ सकती है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा खेल संभव नहीं है। आखिर किसके इशारे पर नियमों को ताक पर रखकर भूमि का अवैध व्यवसाय फल-फूल रहा है। क्या प्रशासन सिर्फ मूकदर्शक बना रहेगा या फिर भूमाफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई भी होगी। नगर में चर्चा है कि पैसों के दम पर नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं और जिम्मेदार विभाग जानबूझकर आँखें मूँदे बैठे हैं। यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो यह मामला जनआक्रोश का रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कानून का डंडा चलाता है या फिर एक बार फिर भूमाफियाओं के सामने घुटने टेक देता है।

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