मध्य प्रदेश/कटनी ब्रेकिंग गोपालपुर पीएम श्री स्कूल भवन में : घटिया निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा; निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग..
हिमांशु
Thu, Sep 24, 2026
🚨मध्य प्रदेश/कटनी ब्रेकिंग: ₹1.34 करोड़ की लागत से बन रहे गोपालपुर पीएम श्री स्कूल भवन में घटिया निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा; निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग
ढीमरखेड़ा (कटनी)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम गोपालपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ शासन द्वारा ₹134.70 लाख (1.34 करोड़ से अधिक) की भारी-भरकम लागत से तैयार किए जा रहे पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री और तकनीकी मापदंडों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
⚠️'भसुआ रेत' का खेल और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
स्कूल भवन के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मौके का निरीक्षण करने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की पूरी प्रक्रिया पर निम्नलिखित गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं:
भसुआ रेत का धड़ल्ले से उपयोग: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि कांक्रीट और जुड़ाई के कार्य में निर्धारित मानकों के विपरीत कथित रूप से बेहद घटिया 'भसुआ रेत' का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सीमेंट-मिश्रण अनुपात संदिग्ध: निर्माण स्थल पर सीमेंट, रेत और गिट्टी का जो मिश्रण (मसाला) तैयार किया जा रहा है, वह तय तकनीकी रेशियो के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहा है।
कमजोर ईंट, गिट्टी और लोहा: मौके पर डंप की गई ईंटें, गिट्टी और कंक्रीट में इस्तेमाल हो रहा लोहा भी अपेक्षित और स्वीकृत गुणवत्ता का नजर नहीं आ रहा है।
ठेकेदार की मनमानी: ग्रामीणों ने निर्माण का ठेका लेने वाले ठेकेदार श्री विश्वकर्मा की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ठेकेदार केवल काम की गति बढ़ाने में लगा है, जबकि संरचनात्मक मजबूती को नजरअंदाज किया जा रहा है।
🛡️ बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: ग्रामीणों का कहना ...
गोपालपुर के हाई स्कूल को जब से हायर सेकेंडरी स्तर पर अपग्रेड (उन्नयन) किया गया है, तब से क्षेत्र के विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए इस नए और भव्य भवन की नींव रखी गई थी। ग्रामीणों का कहना है:
इस स्कूल भवन में आने वाले वर्षों तक हजारों मासूम बच्चे, शिक्षक और कर्मचारी रोजाना मौजूद रहेंगे। अगर भवन की नींव, कॉलम, बीम और छत ही कमजोर रह गए, तो भविष्य में कोई भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
जिला प्रशासन से ग्रामीणों की मुख्य मांगें
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अधिकारियों की खानापूर्ति या औपचारिक निरीक्षण से काम नहीं चलेगा। उन्होंने जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से निम्नलिखित मांगें की हैं:
विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम का गठन: संबंधित विभाग के वरिष्ठ और निष्पक्ष तकनीकी अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाकर निर्माणाधीन भवन की जमीनी हकीकत जांची जाए।
सामग्रियों की जांच: निर्माण स्थल से रेत, ईंट, सीमेंट, गिट्टी और लोहे के सैंपल (नमूने) सील कर उन्हें अधिकृत सरकारी जांच नियमों के तरीके से जांच कराई जाए।
3. जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर नजर: निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग के लिए जो सब-इंजीनियर (उपयंत्री) या विभागीय अधिकारी नियुक्त हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जाए कि उन्होंने समय-समय पर निरीक्षण क्यों नहीं किया।
"जांच रिपोर्ट हो सार्वजनिक; दोषियों पर कार्रवाई कि मांग..
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तकनीकी जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं और घटिया निर्माण की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही, घटिया निर्माण को ध्वस्त कर दोबारा मानकों के अनुसार बनाया जाए।
वहीं, यदि निर्माण कार्य पूरी तरह सही पाया जाता है, तो प्रशासन जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, ताकि ग्रामीणों के मन से डर और शंका दूर हो सके और किसी भी तरह का विवाद न रहे। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य की हर दिन कड़ी निगरानी की जाए।
ग्रामीणों की इस मांग को स्वीकार कर पारदर्शी तरीके से कदम उठाने से न केवल शासन की करोड़ों रुपये की जनहित राशि के शत-प्रतिशत सदुपयोग की पुष्टि होगी, बल्कि गोपालपुर और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ स्कूल भवन उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक बड़ा और ठोस कदम सुनिश्चित हो सकेगा।
Mpnewslive.
कटनी जिला रिपोर्टर हिमांशु
Tags :
PM NARENDRA MODI
CM MOHAN YADAY
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